जबरन धर्मांतरण रोकने का कदम, छत्तीसगढ़ में विधेयक का मसौदा स्वीकृत
रायपुर|छत्तीसगढ़ जबरन, लालच देकर, धोखाधड़ी से या गलत बयानी से धर्मांतरण पर रोक लगाने के लिए कानून बनाने की दिशा में आगे बढ़ गया है। मंगलवार को नवा रायपुर अटल नगर स्थित विधानसभा परिसर में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल की बैठक में इससे संबंधित विधेयक के मसौदे को मंजूरी दी गई।उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने बताया कि मंत्रिमंडल ने छत्तीसगढ़ धर्म स्वतंत्रता विधेयक, 2026 के मसौदे को मंजूरी दे दी है। इस विधेयक का उद्देश्य बल प्रयोग, प्रलोभन, अनुचित प्रभाव या झूठे प्रतिनिधित्व के माध्यम से एक धर्म से दूसरे धर्म में धर्मांतरण को प्रभावी ढंग से रोकना है। यह विधेयक विधानसभा के मौजूदा बजट सत्र में पेश किए जाने की संभावना है। वर्तमान में, छत्तीसगढ़ धर्म स्वतंत्रता अधिनियम, 1968 लागू है, जो 1 नवंबर, 2000 को अस्तित्व में आया था। एजेंसी

राशिफल: जानिए, कैसा रहेगा आपका आज का दिन (30 मार्च 2026)
मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने सुनी ‘मन की बात’
जंगल क्षेत्र में अवैध बोरवेल खनन पर वन विभाग की सख्त कार्यवाही, दो वाहन जब्त
भारत में हवाई सेवाओं का विस्तार अकल्पनीय, अब हर तबके के लिए संभव हुई हवाई यात्रा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
माँ नर्मदा के आशीर्वाद से प्रदेश में बह रही है विकास की नई धारा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
आयुर्वेद चिकित्सा शिविर में 405 मरीजों का हुआ निःशुल्क उपचार
राष्ट्रीय फलक पर कोरिया- 'मन की बात' में 5 प्रतिशत जल संरक्षण मॉडल की सराहना
भगवान महावीर के विचार आज भी हैं प्रासंगिक : मुख्यमंत्री डॉ. यादव