हेयर एक्सटेंशन के 43 सैंपल्स की जांच में मिले केमिकल्स
नई दिल्ली । लंबे, घने और स्टाइलिश बालों की चाहत के दावे करने वाले हेयर एक्सटेंशन प्रोडक्ट्स की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। हाल ही अमेरिका में हुई स्टडी में वैज्ञानिकों ने विभिन्न प्रकार के हेयर एक्सटेंशन के 43 सैंपल्स की जांच की। जांच के दौरान करीब 170 तरह के केमिकल्स की मौजूदगी पाई गई। इनमें कुछ ऐसे रसायन शामिल थे, जो कैंसर से जुड़े हो सकते हैं, जबकि कुछ हार्मोनल असंतुलन पैदा करने वाले और टॉक्सिक कैटेगरी में आते हैं। रिपोर्ट के अनुसार, इन एक्सटेंशन में फ्थेलेट्स और ऑर्गेनोटिन जैसे केमिकल्स पाए गए, जो शरीर के एंडोक्राइन सिस्टम को प्रभावित कर सकते हैं। यह सिस्टम शरीर के विकास, प्रजनन और कई महत्वपूर्ण कार्यों को नियंत्रित करता है, इसलिए इसका असंतुलन लंबे समय में गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकता है। सबसे चिंता की बात यह सामने आई कि कुछ सैंपल्स में ऐसे रसायन भी पाए गए, जो ब्रेस्ट कैंसर के जोखिम से जुड़े हो सकते हैं।
हालांकि वैज्ञानिकों ने स्पष्ट किया है कि इससे सीधे तौर पर कैंसर होने की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन लंबे समय तक संपर्क में रहने से खतरा बढ़ सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि हेयर एक्सटेंशन लगातार स्कैल्प, गर्दन और त्वचा के संपर्क में रहते हैं, जिससे इनमें मौजूद केमिकल्स धीरे-धीरे शरीर में प्रवेश कर सकते हैं। यही वजह है कि इनका असर तुरंत दिखाई नहीं देता, बल्कि समय के साथ सामने आता है। इतना ही नहीं, जब इन एक्सटेंशन को गर्म किया जाता है या उबलते पानी में डाला जाता है, तो इनमें से जहरीली गैसें निकल सकती हैं, जो सांस के जरिए शरीर में पहुंचकर नुकसान पहुंचा सकती हैं। रिसर्च में यह भी सामने आया कि केवल सिंथेटिक ही नहीं, बल्कि “100 प्रतिशत नैचुरल” या मानव बालों से बने एक्सटेंशन भी पूरी तरह सुरक्षित नहीं हैं।
इनमें भी हानिकारक केमिकल्स पाए गए, जिससे यह साफ हो जाता है कि “नेचुरल” लेबल हमेशा सुरक्षा की गारंटी नहीं देता। कुछ लोगों ने इन प्रोडक्ट्स के इस्तेमाल के बाद खुजली, त्वचा में जलन, एलर्जी और सांस लेने में दिक्कत जैसी समस्याओं की शिकायत भी की है। हालांकि यह समस्याएं हर किसी में नहीं होतीं, लेकिन संवेदनशील लोगों के लिए यह गंभीर हो सकती हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इस क्षेत्र में अभी तक सख्त नियमों की कमी है और कई कंपनियां अपने प्रोडक्ट्स में इस्तेमाल किए गए सभी केमिकल्स की पूरी जानकारी नहीं देतीं। ऐसे में उपभोक्ता अनजाने में जोखिम उठा लेते हैं। डॉक्टरों की सलाह है कि हेयर एक्सटेंशन का उपयोग सोच-समझकर करें।
