इंदौर में पेयजल समस्या को लेकर स्थानीय लोगों का प्रदर्शन
इंदौर| मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में चिलचिलाती गर्मी के साथ अब जल संकट ने विकराल रूप ले लिया है। शहर के 'लाला का बगीचा' क्षेत्र में पानी की भारी किल्लत और गंदे पानी की सप्लाई से नाराज महिलाओं और स्थानीय निवासियों ने सड़कों पर उतरकर खाली मटकों के साथ अनोखा विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने नगर निगम प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए जलापूर्ति व्यवस्था को दुरुस्त करने की मांग की।
क्या है रहवासियों की मुख्य समस्या?
इलाके के लोगों का आरोप है कि लंबे समय से यहाँ पानी की सप्लाई न केवल अनियमित है, बल्कि नलों से आने वाला पानी इतना दूषित है कि वह पीने योग्य नहीं रह गया है। लोगों का कहना है कि जब से पुरानी और नई पाइपलाइनों को आपस में जोड़ा गया है, तब से गंदे पानी की समस्या और गंभीर हो गई है। प्रदर्शनकारियों ने मांग की है कि 'त्रिवेणी पानी की टंकी' को प्रतिदिन भरा जाए ताकि एक दिन लाला का बगीचा और अगले दिन नेहरू नगर में सुचारू रूप से जलापूर्ति हो सके।
अवैध कनेक्शन हटाने की मांग
स्थानीय लोगों और पार्षदों ने नेहरू नगर रोड नंबर 5 और कालका माता मंदिर के पास किए गए आपसी इंटरकनेक्शनों को तुरंत हटाने की मांग की है। उनका मानना है कि इन कनेक्शनों की वजह से पानी का दबाव कम हो रहा है और प्रदूषण बढ़ रहा है।
पार्षद सोनी मिमरोट भाटिया की प्रमुख मांगें:
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नियमित सफाई और फिलिंग: त्रिवेणी पानी की टंकी को रोजाना साफ पानी से भरा जाए।
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समान वितरण प्रणाली: एक दिन लाला का बगीचा और दूसरे दिन नेहरू नगर के लिए वैकल्पिक सप्लाई व्यवस्था सुनिश्चित हो।
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इंटरकनेक्शन का खात्मा: नेहरू नगर और कालका माता मंदिर के सामने बने दो अवैध इंटरकनेक्शन तुरंत काटे जाएं।
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DMA सिस्टम की बहाली: पानी का दबाव एक समान बनाए रखने के लिए मूल 'डिस्ट्रिक्ट मीटरिंग एरिया' (DMA) सिस्टम को फिर से लागू किया जाए।

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