जबलपुर:मध्य प्रदेश के जबलपुर से एक बड़ी प्रशासनिक और आपराधिक खबर सामने आई है। राजस्व विभाग में लंबे समय तक विवादों और गंभीर आरोपों से घिरे रहे पूर्व तहसीलदार विवेक त्रिपाठी को आखिरकार क्राइम ब्रांच की स्पेशल टीम ने बरेला थाना इलाके से गिरफ्तार कर लिया है। जमीन नामांतरण (म्यूटेशन) में बड़े पैमाने पर की गई धांधली, राजस्व नियमों की अनदेखी और पद के दुरुपयोग के मामलों में पुलिस को काफी समय से उनकी तलाश थी। हाल ही में शहर के बहुचर्चित 'सुकून होटल कांड' में नाम आने के बाद उनके खिलाफ कानूनी शिकंजा और कस गया था। क्राइम ब्रांच को मुखबिर से उनके बरेला में छिपे होने का सटीक इनपुट मिला, जिसके बाद घेराबंदी कर उन्हें दबोच लिया गया। इस हाई-प्रोफाइल गिरफ्तारी के बाद से ही जिले के राजस्व और प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया है।

सटीक इनपुट मिलते ही क्राइम ब्रांच ने बरेला में की घेराबंदी

पूर्व तहसीलदार विवेक त्रिपाठी का कार्यकाल काफी समय से विवादित रहा है और जांच एजेंसियां उनके खिलाफ पुख्ता सबूत जुटाने में लगी थीं। उन पर एक जिम्मेदार पद पर रहते हुए वित्तीय और प्रशासनिक मोर्चे पर गंभीर गड़बड़ियां करने के आरोप हैं। विशेषकर भू-माफियाओं और रसूखदारों को फायदा पहुंचाने के लिए जमीन के नामांतरण मामलों में सरकारी नियमों को ताक पर रखकर मनमाने फैसले लेने की शिकायतें लगातार मिल रही थीं। बुधवार-गुरुवार की दरमियानी रात पुलिस को उनके बरेला में होने की अत्यंत गोपनीय सूचना मिली, जिसके बाद बिना वक्त गंवाए स्पेशल टीम ने जाल बिछाकर उन्हें अपनी कस्टडी में ले लिया।

'सुकून होटल प्रकरण' के बाद तेज हुई थी आरोपी की तलाश

जबलपुर के सबसे चर्चित 'सुकून होटल' मामले के उजागर होने के बाद से ही विवेक त्रिपाठी की मुश्किलें बेहद बढ़ गई थीं। इस हाई-प्रोफाइल केस में नाम सामने आने के बाद जांच एजेंसियों ने अपनी तफ्तीश का दायरा बढ़ाते हुए उनके सभी संभावित ठिकानों पर नजर रखनी शुरू कर दी थी। इतना ही नहीं, पद पर रहते हुए उनके द्वारा निपटाए गए पुराने जमीन और राजस्व संबंधी मामलों की फाइलों को भी दोबारा खोलकर री-वेरिफिकेशन शुरू कर दिया गया था। जमीन के संवेदनशील मामलों में उनके द्वारा दिखाई गई अत्यधिक जल्दबाजी ने पुलिस के संदेह को पूरी तरह सच में बदल दिया।

पुराने मुकदमों और पेंडिंग शिकायतों पर भी शुरू हुई कड़ाई से पूछताछ

थाने लाए जाने के बाद वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में विवेक त्रिपाठी से सघन पूछताछ का दौर जारी है। पुलिस के मुताबिक, उनसे केवल वर्तमान मामलों या सुकून होटल कांड को लेकर ही सवाल-जवाब नहीं हो रहे हैं, बल्कि शहर के अलग-अलग थानों में उनके खिलाफ दर्ज पुराने मुकदमों, शिकायतों और विभागीय जांचों को लेकर भी कड़ाई से पूछताछ की जा रही है।

आने वाले दिनों में हो सकते हैं कई और बड़े खुलासे

पुलिस के आला अधिकारियों का साफ कहना है कि इस मामले में पूरी निष्पक्षता के साथ कानूनी कार्रवाई की जा रही है। यदि पूछताछ और दस्तावेजों की स्क्रूटनी के दौरान विवेक त्रिपाठी के खिलाफ किसी अन्य नए या पुराने जमीन घोटाले में संलिप्तता के पुख्ता सबूत मिलते हैं, तो उन मामलों को भी इस एफआईआर में जोड़ा जाएगा। पुलिस को उम्मीद है कि रिमांड के दौरान होने वाली पूछताछ में राजस्व विभाग के कुछ अन्य बड़े चेहरों और बिचौलियों के नामों का भी भंडाफोड़ हो सकता है।