ऊर्जा संकट का खतरा! क्या जल्द खत्म हो जाएगा पेट्रोल-डीजल?
नई दिल्ली। इस वक्त पूरी दुनिया एक बड़े ऊर्जा संकट (Energy Crisis) से जूझ रही है। रूस-यूक्रेन युद्ध के कारण पहले से ही वैश्विक अर्थव्यवस्था पटरी से उतरी हुई थी, और अब अमेरिका व ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने इस संकट को और ज्यादा गंभीर बना दिया है। भू-राजनीतिक तनाव के इस माहौल के बीच, बुल्गारिया की मशहूर अंधी भविष्यवक्ता बाबा वेंगा की एक कथित भविष्यवाणी इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है, जिसने आम लोगों की चिंताओं को और बढ़ा दिया है। अतीत में उनकी कई भविष्यवाणियों के सच होने के दावों के कारण लोग इस नई चेतावनी को लेकर भी काफी डरे हुए हैं। इंटरनेट पर चल रहे दावों के मुताबिक, बाबा वेंगा ने साल 2026 के लिए एक बेहद डरावनी चेतावनी दी थी, जिसके अनुसार दुनिया को एक अभूतपूर्व ऊर्जा संकट का सामना करना पड़ेगा और पेट्रोल-डीजल की सप्लाई लगभग ठप हो सकती है। हालांकि, बाबा वेंगा की इन भविष्यवाणियों की कोई वैज्ञानिक या आधिकारिक पुष्टि नहीं होती है, लेकिन वर्तमान हालात कुछ ऐसे ही बनते दिख रहे हैं।
पेट्रोल-डीजल की किल्लत और रणनीतिक जलमार्गों पर खतरा
वर्तमान परिस्थितियों को देखें तो कच्चे तेल (Crude Oil) की लगातार बढ़ती कीमतें और 'होर्मुज स्ट्रेट' (Strait of Hormuz) के बंद होने की आशंका ने इस डर को और पुख्ता कर दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ईरान और अमेरिका के टकराव की वजह से यह रणनीतिक समुद्री जलमार्ग बाधित होता है, तो दुनिया भर में कच्चे तेल की आपूर्ति रुक जाएगी। इसके परिणामस्वरूप परिवहन और यातायात के साधनों में पूरी तरह ठहराव आ सकता है, जिससे वैश्विक व्यापार ठप होने की कगार पर पहुंच जाएगा।
रसोई से लेकर यातायात तक महंगाई की चौतरफा मार
इस ऊर्जा संकट का असर केवल गाड़ियों के ईंधन तक सीमित नहीं है, बल्कि एलपीजी (LPG) और सीएनजी (CNG) की कीमतों में भी भारी उछाल देखने को मिल रहा है। इसका सीधा और तीखा असर आम आदमी की रसोई के बजट पर पड़ रहा है। हालात इतने खराब हो चुके हैं कि कई देशों में डीजल के लिए पेट्रोल पंपों पर वाहनों की किलोमीटर लंबी कतारें लगी हैं। वहीं दूसरी तरफ, ढाबों, रेस्टोरेंट और होटलों में जरूरत के मुताबिक कमर्शियल गैस सिलेंडर न मिलने से व्यापार ठप होने लगा है।
वैश्विक सप्लाई चेन ठप और तनाव खत्म होने का इंतजार
आर्थिक विश्लेषकों का स्पष्ट कहना है कि जब तक ईरान और अमेरिका के बीच चल रहा यह सैन्य और राजनीतिक संघर्ष पूरी तरह शांत नहीं होता, तब तक वैश्विक सप्लाई चेन (Global Supply Chain) का सामान्य होना नामुमकिन है। भले ही बाबा वेंगा की भविष्यवाणियों को कई लोग महज एक अंधविश्वास या इंटरनेट ट्रेंड मानकर खारिज कर रहे हैं, लेकिन आज की कड़वी हकीकत और कच्चे तेल के बाजार की अनिश्चितता इस संकट को सच साबित करती हुई दिखाई दे रही है।

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