नई दिल्ली: भारत की उभरती हुई प्रतिभाशाली निशानेबाज ईशा सिंह ने सोमवार को आयोजित आईएसएसएफ विश्व कप (राइफल/पिस्तौल/शॉटगन) प्रतियोगिता में महिलाओं की 25 मीटर पिस्टल स्पर्धा के रोमांचक मुकाबले में अपनी हमवतन और ओलंपिक पदक विजेता खिलाड़ी मनु भाकर को पीछे छोड़ते हुए शानदार स्वर्ण पदक अपने नाम किया। इस स्पर्धा में मनु भाकर ने कांस्य पदक हासिल किया, जिसके चलते भारत ने इस इवेंट में कुल दो पदक अपने नाम किए। मात्र 21 वर्ष की ईशा ने फाइनल मुकाबले में बेहद सधा हुआ प्रदर्शन करते हुए कुल 40 अंक बनाकर स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया, जबकि पेरिस 2024 ओलंपिक में दो कांस्य पदक जीतकर इतिहास रचने वाली मनु ने कड़े शूटऑफ के जरिए कांस्य पदक अपने नाम किया, जिसमें उन्होंने कुल 28 अंक जुटाए।

क्वालिफाइंग दौर से ही भारतीय निशानेबाजों का रहा दबदबा

भारतीय महिला निशानेबाजों ने इस टूर्नामेंट के क्वालिफाइंग राउंड से ही अपना दबदबा कायम रखना शुरू कर दिया था:

  • मनु भाकर ने क्वालिफाइंग दौर में बेहतरीन निशाना साधते हुए 586 अंकों के साथ पहला स्थान हासिल किया।

  • वहीं, ईशा सिंह 585 अंक प्राप्त करके दूसरे स्थान पर रहीं।

  • इन दोनों ही शानदार खिलाड़ियों ने शीर्ष आठ निशानेबाजों के फाइनल में बेहद आसानी से अपनी जगह पक्की की।

  • इसके अलावा एशियाई खेलों की पूर्व स्वर्ण पदक विजेता अनुभवी निशानेबाज राही सरनोबत ने 582 का स्कोर बनाया, जबकि सिमरनप्रीत कौर बराड़ (576 अंक) और अभिदन्या अशोक पाटिल (573 अंक) ने केवल रैंकिंग अंकों के लिए (RPO) खेलते हुए काफी सराहनीय प्रदर्शन किया।

"दबाव झेलना और जीत हासिल करना बड़ी उपलब्धि"

इस सीजन की शुरुआत में म्यूनिख विश्व कप में भी स्वर्ण पदक अपने नाम करने वाली विजेता ईशा सिंह ने अपनी जीत के बाद कहा, "पिछली जीत के बाद से मेरे ऊपर काफी मानसिक दबाव था। जब आप लगातार किसी स्पर्धा में अच्छा प्रदर्शन करते हैं, तो लोगों की और देश की उम्मीदें आपसे बहुत ज्यादा बढ़ जाती हैं। मुझे इस बात की बेहद खुशी है कि आज मैं इस बड़े दबाव को सफलतापूर्वक झेलने और अपना सर्वश्रेष्ठ देने में कामयाब रही।"

दूसरी ओर, कांस्य पदक विजेता मनु भाकर ने कहा कि यह पदक उनके लिए बेहद खास है और इससे उनका मनोबल काफी ऊंचा होगा। उन्होंने कहा, "मेरे करियर के लिहाज से यह पदक बहुत महत्वपूर्ण है, क्योंकि इस तरह की सफलताएं आगे बढ़ने के लिए एक सीढ़ी का काम करती हैं। इससे मुझे यह स्पष्ट दिशा मिलती है कि मैं किस रास्ते पर आगे बढ़ रही हूं। इस मेडल से मेरा आत्मविश्वास निश्चित रूप से मजबूत हुआ है, जिसका मुझे आगामी विश्व चैंपियनशिप और एशियाई खेलों में बहुत फायदा मिलेगा।"

लगातार शानदार प्रदर्शन जारी

आपको बता दें कि ईशा सिंह ने इससे पहले इसी सत्र के आरंभ में म्यूनिख विश्व कप के फाइनल मुकाबले में 43 अंकों का शानदार स्कोर बनाते हुए एक नया विश्व रिकॉर्ड अपने नाम किया था। इस प्रकार ईशा लगातार अपनी शानदार फॉर्म और निरंतरता को बनाए हुए हैं, जो आने वाले समय में होने वाली तमाम बड़ी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के दृष्टिकोण से भारतीय खेल जगत के लिए बेहद शुभ संकेत है।