बेंगलुरु: सार्वजनिक क्षेत्र के प्रमुख केनरा बैंक ने चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में बेहतरीन वित्तीय प्रदर्शन दर्ज किया है। बैंक का शुद्ध लाभ मामूली दो प्रतिशत की बढ़त के साथ 4,856 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है, जबकि पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में यह आंकड़ा 4,752 करोड़ रुपये था। बैंक की कुल आय भी जून तिमाही में बढ़कर 39,684 करोड़ रुपये हो गई है, जो पिछले साल इसी अवधि में 38,063 करोड़ रुपये थी। इस दौरान बैंक की ब्याज आय भी 31,003 करोड़ रुपये से बढ़कर 32,957 करोड़ रुपये पर पहुंच गई है।

परिसंपत्ति गुणवत्ता में सुधार और एनपीए में आई भारी गिरावट

बैंक की संपत्ति की गुणवत्ता में महत्वपूर्ण और सकारात्मक सुधार देखने को मिला है। जून तिमाही के अंत तक सकल गैर-निष्पादित परिसंपत्तियां यानी सकल एनपीए घटकर सकल अग्रिमों का 1.57 प्रतिशत रह गया है, जो कि एक साल पहले 2.69 प्रतिशत था। इसी प्रकार शुद्ध एनपीए भी पिछले वर्ष के 0.63 प्रतिशत से गिरकर 0.36 प्रतिशत पर आ गया है। इसके अलावा खराब ऋणों के लिए किए जाने वाले प्रावधान भी कम होकर 1,399 करोड़ रुपये रह गए हैं, जो पिछले साल 1,845 करोड़ रुपये थे।

प्रावधान कवरेज अनुपात बेहतर, वित्तीय स्थिरता मजबूत

केनरा बैंक का प्रावधान कवरेज अनुपात भी बेहतर होकर पिछले वित्त वर्ष के 93.17 प्रतिशत से बढ़कर 94.76 प्रतिशत पर पहुंच गया है। यह इस बात का प्रमाण है कि बैंक ने अपने संभावित जोखिमों और खराब ऋणों के लिए पर्याप्त वित्तीय सुरक्षा तय कर रखी है। हालांकि, परिसंपत्तियों पर प्रतिफल यानी आरओए में हल्की नरमी आई है और यह जून 2025 के 1.14 प्रतिशत से घटकर जून 2026 में 1.04 प्रतिशत दर्ज किया गया है।

पूंजी पर्याप्तता अनुपात में उछाल, निवेशकों के लिए सकारात्मक संकेत

बैंक की वित्तीय मजबूती और जोखिम उठाने की क्षमता को दर्शाने वाला पूंजी पर्याप्तता अनुपात भी बढ़कर 17.17 प्रतिशत हो गया है, जो पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में 16.52 प्रतिशत था। यह उच्च अनुपात बैंक के मजबूत और सुरक्षित वित्तीय आधार को प्रमाणित करता है, जिससे निवेशकों का भरोसा भी लगातार मजबूत हो रहा है।