गोरखपुर में बोटिंग के दौरान बड़ा हादसा, दो बोटों की भिड़ंत में गई पर्यटक की जान
गोरखपुर: उत्तर प्रदेश के गोरखपुर स्थित प्रसिद्ध रामगढ़ताल में रविवार का अवकाश एक परिवार के लिए ऐसा वज्राघात साबित हुआ, जिसकी उन्होंने कभी कल्पना भी नहीं की थी। परिवार के साथ नौका विहार का आनंद लेने आए एक युवक की स्पीड बोट्स की भीषण टक्कर में मौत हो गई, जबकि एक मासूम बच्चे समेत तीन लोग घायल हो गए। इस हादसे ने ताल में सुरक्षा व्यवस्था और बोट चालकों की मनमानी की पोल खोल कर रख दी है।
खुशियों भरा दिन पलभर में बदला मातम में
कुशीनगर जिले के कप्तानगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत मोतीचक इलाके के अजीजनगर निवासी कयामुद्दीन अपने परिवार और रिश्तेदारों के साथ रविवार को गोरखपुर घूमने आए थे। दल में उनकी पत्नी रुख्साना खातून, बेटियां नूरसभा, गुलसभा, सनाया, बेटा आमिर हमजा, मौसेरा भाई सलाउद्दीन, मृतक लखमुद्दीन और उसके दो अन्य साथी शामिल थे।
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मेधावी छात्र था लखमुद्दीन: मृतक 20 वर्षीय लखमुद्दीन इंटरमीडिएट का छात्र था और आगे आईटीआई में दाखिला लेकर अपने परिवार कासहारा बनने की तैयारी कर रहा था।
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दुर्घटना का पल: रविवार की रात करीब 8:30 बजे परिवार के सभी सदस्य नौका विहार का आनंद लेकर प्लेटफॉर्म नंबर पांच की ओर लौट रहे थे, तभी अचानक प्लेटफॉर्म नंबर चार की तरफ से आ रही एक तेज रफ्तार स्पीड बोट ने उनकी नाव को जोरदार टक्कर मार दी।
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टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि झटके से लखमुद्दीन पानी में जा गिरा और उसके सिर पर गंभीर चोटें आईं। आनन-फानन में अन्य लोगों की मदद से उसे पानी से बाहर निकालकर जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस हादसे में कयामुद्दीन, उनके बेटे आमिर हमजा और बोट चालक अभिषेक साहनी को भी चोटें आईं।
रील और लाइक्स के चक्कर में होती है स्टंटबाजी
स्थानीय पर्यटकों और लोगों का आरोप है कि रामगढ़ताल में स्पीड बोट चालकों द्वारा अक्सर खतरनाक स्टंटबाजी की जाती है। सोशल मीडिया पर रील्स बनाने और ज्यादा से ज्यादा लाइक्स-व्यूज बटोरने के लिए चालक तेज रफ्तार में बोट दौड़ाते हैं और खतरनाक करतब दिखाते हैं।
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चालक अक्सर एक-दूसरे से आगे निकलने की होड़ में ताल के पानी में बोट को अचानक मोड़ते और लहरें पैदा करते हैं।
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इन लापरवाह हरकतों के कारण ताल में घूमने वाले अन्य पर्यटकों और बच्चों की जान हमेशा खतरे में बनी रहती है।
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घटना के बाद मुख्य आरोपी बोट चालक मौके से फरार हो गया, हालांकि पुलिस ने मृतक के भाई सलाउद्दीन की तहरीर पर दोनों बोट चालकों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर एक आरोपी को हिरासत में ले लिया है।
प्रशासन और जीडीए के सख्त कदम
घटना की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी—कमिश्नर अनिल ढींगरा, डीआईजी डॉ. एस चन्नप्पा, डीएम दीपक मीणा, जीडीए उपाध्यक्ष अभिनव गोपाल और एसपी सिटी निमिष पाटिल—तत्काल मौके पर पहुंचे और जिला अस्पताल जाकर घायलों का हाल जाना।
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जांच कमेटी का गठन: गोरखपुर विकास प्राधिकरण (GDA) के उपाध्यक्ष अभिनव गोपाल ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। जीडीए के ओएसडी प्रखर उत्तम की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय जांच कमेटी बनाई गई है, जो तीन दिन के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। इसके बाद दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए लाइसेंस निरस्त किए जाएंगे।
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बोटिंग के समय में बदलाव: इस दर्दनाक हादसे के बाद सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए प्रशासन ने कड़ा निर्णय लिया है। अब से सूर्यास्त के बाद रामगढ़ताल में किसी भी प्रकार की बोटिंग करने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है, ताकि भविष्य में इस तरह की दुर्घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोका जा सके।

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