रेड सी में हूती विद्रोहियों की बढ़ती ताकत, दुनिया के सामने नई सुरक्षा चुनौती
तेहरान: यमन का हूती विद्रोही समूह बीते कुछ वर्षों में वैश्विक स्तर पर सबसे शक्तिशाली गैर-राज्य सशस्त्र संगठनों में से एक बनकर उभरा है। लाल सागर और रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य के समीप उनकी आक्रामक सैन्य गतिविधियों ने अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार तथा वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस समुद्री मार्ग से प्रतिवर्ष भारी मात्रा में कच्चे तेल, एलएनजी और वाणिज्यिक पोत गुजरते हैं, जिसके चलते यहां की अस्थिरता का सीधा प्रभाव विश्व अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा है। हालिया घटनाओं में हूती समूह द्वारा सऊदी अरब से संबंधित तेल टैंकरों को निशाना बनाने का दावा किया गया है, जिसके बाद सुरक्षा के दृष्टिगत कई व्यावसायिक जहाजों ने अपने मार्ग बदल दिए हैं।
हूती समूह का घातक सैन्य ढांचा और हथियार प्रणाली
रक्षा विश्लेषकों के अनुसार, हूती विद्रोहियों ने अत्याधुनिक हथियारों का एक विशाल भंडार खड़ा कर लिया है। उनके शस्त्रागार में उच्च गति से प्रहार करने वाली एंटी-शिप बैलिस्टिक मिसाइलें, रडार की नजरों से बचकर समुद्र की सतह के करीब उड़ने वाली क्रूज मिसाइलें और लंबी दूरी तक मार करने वाले टोही व घातक ड्रोन शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, रिमोट कंट्रोल से संचालित होने वाली विस्फोटक नौकाएं और समुद्री बारूदी सुरंगें उनके नौसैनिक अभियानों को अत्यधिक खतरनाक बनाती हैं। इन आधुनिक प्रणालियों की मदद से यह समूह दूरदराज के समुद्री लक्ष्यों को भी सटीकता से भेदने में सक्षम है।
विदेशी तकनीक, स्थानीय निर्माण और वैश्विक चिंताएं
सैन्य विशेषज्ञों का मानना है कि इस संगठन को आधुनिक सैन्य तकनीक और साजो-सामान विभिन्न माध्यमों से उपलब्ध हो रहे हैं। कई अंतरराष्ट्रीय रिपोर्टों में ईरान द्वारा तकनीकी एवं हथियारों से संबंधित सहायता दिए जाने के आरोप लगाए जाते रहे हैं, यद्यपि विभिन्न पक्ष इन दावों पर भिन्न राय रखते हैं। इसके अलावा, हूती समूह ने यमन स्थित अपने प्रभाव वाले क्षेत्रों में भूमिगत ठिकाने और असेंबली इकाइयां स्थापित कर ली हैं, जहां मिसाइलों और ड्रोन के पुर्जों को जोड़ा जाता है। विशेषज्ञों का स्पष्ट कहना है कि लाल सागर का यह तनाव अब केवल क्षेत्रीय मुद्दा न रहकर वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए चुनौती बन चुका है, जिससे निपटना विश्व शक्तियों के लिए प्राथमिकता रहेगा।

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