वाराणसी: पवित्र सावन मास के दौरान विश्व प्रसिद्ध श्री काशी विश्वनाथ मंदिर और पूरे शहर में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा के पुख्ता और चाक-चौबंद इंतजाम किए गए हैं। इस बार सावन में सुरक्षा व्यवस्था को पूरी तरह आधुनिक बनाते हुए वाराणसी में जल, थल और नभ तीनों स्तरों से सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं, जिसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक की बेहद महत्वपूर्ण भूमिका होगी। पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल के अनुसार, इस बार सावन महीने की सुरक्षा व्यवस्था में अत्याधुनिक तकनीकों का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया जा रहा है।

मंदिर परिसर और शहर में हाईटेक कैमरों का जाल

श्री काशी विश्वनाथ मंदिर की सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन को सुचारू रखने के लिए आधुनिक तकनीक का सहारा लिया जा रहा है:

  • मंदिर कंट्रोल रूम: मंदिर परिसर के भीतर बने विशेष कंट्रोल रूम से 315 सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से लगातार निगरानी की जाएगी। मंदिर परिसर, दर्शन के लिए लगने वाली लंबी कतारों और श्रद्धालुओं की हर हलचल पर पैनी नजर रखी जाएगी, ताकि आवश्यकता पड़ने पर तुरंत निर्देश जारी कर भीड़ का प्रभावी संचालन किया जा सके।

  • इंटीग्रेटेड कमांड सेंटर: काशी इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर के जरिए पूरे शहरभर में स्थापित 2,500 से अधिक (2,575 से अधिक) सीसीटीवी कैमरों से 24 घंटे लगातार निगरानी की जाएगी। इसके माध्यम से पब्लिक एड्रेस सिस्टम द्वारा यातायात और भीड़ प्रबंधन से जुड़े जरूरी निर्देश भी प्रसारित किए जाएंगे।

  • एएनपीआर और फेस रिकग्निशन कैमरे: शहर की विभिन्न सीमाओं और प्रवेश द्वारों पर ऑटोमेटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (ANPR) कैमरे लगाए गए हैं, जो संदिग्ध वाहनों की तुरंत पहचान करेंगे। इसके अलावा प्रमुख चौराहों और संवेदनशील स्थानों पर फेस रिकग्निशन कैमरे लगाए गए हैं, जो संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान करने में मदद करेंगे। अपराधियों और वांछित लोगों का पूरा डेटाबेस पहले से सिस्टम में फीड है।

नभ (आकाश) से होगी निगरानी, ड्रोन और जियो-फेंसिंग का पहरा

सुरक्षा के मोर्चे पर आसमान से निगरानी के लिए विशेष उपकरणों को तैनात किया गया है:

  • टेथर्ड ड्रोन (Tethered Drones): रणनीतिक स्थानों पर दो विशेष टेथर्ड ड्रोन तैनात किए गए हैं, जो 24 घंटे लगातार लाइव फीड उपलब्ध कराएंगे। ये ड्रोन करीब 400 मीटर की ऊंचाई से अपने आसपास चार किलोमीटर के दायरे में पैनी नजर रखने में पूरी तरह सक्षम हैं। ये किसी स्थान पर लंबे समय तक रुकने वाले संदिग्ध व्यक्तियों या गतिविधियों की पहचान कर तुरंत कंट्रोल रूम को अलर्ट भेजेंगे।

  • कमिश्नरेट के अन्य ड्रोन: वाराणसी कमिश्नरेट के पास कुल 10 विशेष ड्रोन उपलब्ध हैं, जो प्रमुख कांवड़ मार्गों, मंदिर परिसर, प्रमुख गंगा घाटों और यातायात व्यवस्था की निरंतर निगरानी करेंगे।

  • एंटी-ड्रोन सिस्टम और जियो-फेंसिंग: श्री काशी विश्वनाथ मंदिर परिसर की विशेष जियो-फेंसिंग की गई है। सावन मास के दौरान बिना किसी प्रशासनिक अनुमति के निजी ड्रोन उड़ाने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। यदि कोई भी अनधिकृत ड्रोन प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रवेश करने की कोशिश करेगा, तो उसे अत्याधुनिक एंटी-ड्रोन सिस्टम के माध्यम से तुरंत निष्क्रिय कर दिया जाएगा।

जल और थल मार्ग पर भी पूरी मुस्तैदी

नभ और तकनीक के अलावा जमीन और पानी पर भी सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं:

  • थल मार्ग: सड़क मार्ग पर शहर के हर प्रमुख चौराहे और तिराहों पर भारी संख्या में पुलिस बल और पुलिसकर्मी मुस्तैद रहेंगे, ताकि यातायात सुचारू रहे और किसी प्रकार की असुविधा न हो।

  • जल मार्ग: गंगा नदी के घाटों और जलमार्ग पर सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जल पुलिस को पूरी तरह से सतर्क और तैनात किया गया है।