दिल्ली: उत्तर-पश्चिम दिल्ली के केशवपुरम इलाके से एक डराने वाली खबर सामने आई है। यहां के डी-4 ब्लॉक में स्थित एक बहुमंजिला रिहायशी इमारत में बृहस्पतिवार तड़के करीब तीन बजे अचानक भीषण आग लग गई। आग इमारत के ग्राउंड फ्लोर (भूतल) पर लगे बिजली के मीटरों में लगी थी, जिसने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया। तड़के जब लोग गहरी नींद में थे, तब इमारत में धुआं भरने और पटाखों जैसी आवाज होने के कारण वहां रह रहे दर्जनों परिवारों में हड़कंप और चीख-पुकार मच गई। गनीमत यह रही कि आग ऊपरी मंजिलों तक नहीं फैली, जिससे एक बहुत बड़ा हादसा होते-होते टल गया।

निकास का रास्ता बंद होने से छत की तरफ भागे बदहवास लोग

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, ग्राउंड फ्लोर पर मुख्य निकास द्वार (एग्जिट गेट) के पास ही बिजली के सारे मीटर लगे हुए थे। आग की लपटों और काले धुएं ने पूरी सीढ़ी और बाहर निकलने के इकलौते रास्ते को घेर लिया था। नीचे उतरने का कोई रास्ता न देख, अपनी जान बचाने के लिए बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग बदहवासी की हालत में ऊपर छत की तरफ भागे। इमारत के करीब एक दर्जन फ्लैट्स में रहने वाले लोग काफी देर तक छत पर ही फंसे रहे और नीचे का मंजर देख सहमे रहे।

दमकल की दो गाड़ियों ने पाया काबू, जलकर खाक हुए 15 मीटर

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम तुरंत एक्शन में आई। दमकल विभाग ने बिना वक्त गंवाए दो गाड़ियां मौके पर रवाना कीं। फायर फाइटर्स ने सूझबूझ दिखाते हुए सबसे पहले बिजली की मुख्य लाइन को कटवाया और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह नियंत्रण पाया। दमकल अधिकारियों के अनुसार, इस अग्निकांड में ग्राउंड फ्लोर पर लगे सभी 15 बिजली के मीटर पूरी तरह जलकर राख हो गए हैं।

कोई हताहत नहीं, आग बुझने के बाद लोगों ने ली राहत की सांस

राहत की सबसे बड़ी बात यह रही कि समय रहते आग पर काबू पा लिया गया और वह फ्लैट्स के अंदर तक नहीं पहुंची। इस पूरी घटना में किसी भी नागरिक के झुलसने या हताहत होने की कोई खबर नहीं है। जब दमकल कर्मियों ने पूरी तरह आग को बुझा दिया और धुआं साफ हुआ, तब जाकर छत पर फंसे लोग सुरक्षित नीचे उतर सके और सभी ने चैन की सांस ली। शुरुआती जांच में आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट मानी जा रही है।