कानून-व्यवस्था पर फोकस: नोएडा में धारा 163, हर गतिविधि पर ड्रोन की नजर
नोएडा: अंतरराष्ट्रीय श्रमिक दिवस के अवसर पर आज नोएडा प्रशासन और गौतमबुद्धनगर पुलिस पूरी तरह से मुस्तैद नजर आ रही है। किसी भी संभावित विरोध प्रदर्शन और कानून-व्यवस्था की स्थिति को बिगड़ने से रोकने के लिए पूरे जिले में धारा 163 (पूर्व में धारा 144) लागू कर दी गई है। पुलिस विभाग ने पूरे कमिश्नरेट को 11 जोन और 49 सेक्टरों में विभाजित कर एक व्यापक सुरक्षा घेरा तैयार किया है। विशेष रूप से औद्योगिक केंद्रों और प्रमुख चौराहों पर भारी पुलिस बल की तैनाती की गई है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी तरह की सेंध न लग सके।
पिछली हिंसा से लिया सबक: औद्योगिक क्षेत्रों में अतिरिक्त बल तैनात
प्रशासन की इस बार की सख्ती के पीछे पिछला कड़वा अनुभव है। दरअसल, बीते 14 अप्रैल को वेतन वृद्धि की मांग को लेकर हुआ श्रमिकों का प्रदर्शन हिंसक रूप ले चुका था, जिसमें सार्वजनिक संपत्ति को काफी नुकसान पहुँचा था। उसी घटना से सबक लेते हुए पुलिस ने इस बार नोएडा, सेंट्रल नोएडा और ग्रेटर नोएडा के संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा के दोहरे इंतजाम किए हैं। महिला पुलिसकर्मियों की भी बड़ी टुकड़ी तैनात की गई है, ताकि भीड़ नियंत्रण के दौरान संवेदनशीलता बनी रहे। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि 8 मई तक जिले में बिना अनुमति किसी भी प्रकार के जमावड़े या जुलूस पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।
हाईटेक निगरानी और पुलिस का कड़ा पहरा
सुरक्षा के इस किले को और मजबूत बनाने के लिए तकनीक का भरपूर सहारा लिया जा रहा है। जिले के 50 से अधिक संवेदनशील स्थानों पर ड्रोन के जरिए आसमान से निगरानी रखी जा रही है, जबकि कंट्रोल रूम से सीसीटीवी फुटेज के माध्यम से हर संदिग्ध गतिविधि को ट्रैक किया जा रहा है। पुलिस की मोबाइल टीमें लगातार सड़कों पर गश्त कर रही हैं और लाउडस्पीकर के माध्यम से लोगों को शांति बनाए रखने तथा नियमों का पालन करने की हिदायत दी जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि श्रमिकों की मांगों पर विचार किया जा रहा है, लेकिन कानून हाथ में लेने वालों के खिलाफ इस बार जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी।

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