अगर वो पत्र भेज दिया जाता… बच सकते थे अजित पवार! MP कनेक्शन का बड़ा खुलासा
Ajit Pawar Plane Crash: वीएसआर कंपनी से संबंधित लियरजेट -45 विमान (वीटी-एसएसके), जिसमें दुर्घटना में महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजीत पवार की मृत्यु हो गई, का उपयोग मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव (CM Mohan Yadav) ने सितंबर 2024 से 7 सितंबर, 2025 तक उड़ानों के लिए किया था। उन्होंने कई बार राज्य के विभिन्न शहरों और अन्य राज्यों की यात्रा की।
बारामती विमान हादसे में मारे गए पायलट सुमित कपूर वही पायलट थे, जिन्होंने सीएम मोहन यादव को उड़ाया था। उन्हें पहले भी विभिन्न कारणों से निलंबित किया जा चुका है। बाद में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने विमान में यात्रा करने से इनकार कर दिया। ये तथ्य पूर्व केंद्रीय उड्डयन मंत्री ने 2017 में लोकसभा में पेश किए थे। मध्य प्रदेश में सीएम के लिए विमान किराए पर लेते समय अधिकारियों ने पायलट की हिस्ट्री तक नहीं जांची। (mp news)
…तब सीएम ने हटवाया विमान
सीएम डॉ. यादव को एक अफसर ने अगस्त 2025 में प्लेन की हिस्ट्री की जानकारी दी। तब सीएम ने विमानन विभाग के अफसरों को तलब किया और बिना देरी वीएसआर कंपनी का विमान हटवाया।
एक्सीटेंडल हिस्ट्री देखे बिना सीएम के लिए हायर किया विमान
बारामती में लैंडिंग के दौरान क्रैश होने से पहले तक वीएसआर कंपनी के प्लेन की लंबी एक्सीडेंटल हिस्ट्री रही है। दुनिया भर में 49 बार दुर्घटनाग्रस्त हो चुके। अंतिम हादसा 2023 में मुंबई में हुआ था। इसके बाद भी सीएम डॉ. मोहन यादव के लिए इस विमान को हायर करने से पहले अफसरों ने इसकी एक्सीडेंटल हिस्ट्री नहीं देखी।

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