कवर्धा में नर्सरी के पास मिला खून से लथपथ शव, हत्या की आशंका
कवर्धा। शहर के कोतवाली थाना क्षेत्र में उस समय सनसनी फैल गई, जब लालपुर नर्सरी के पास रविवार शाम एक युवक का खून से लथपथ शव बरामद किया गया। कवर्धा हत्या मामला सामने आने के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। मृतक की पहचान फिलहाल नहीं हो सकी है। सूचना मिलते ही पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी गई।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि शव करीब दो दिन पुराना हो सकता है। मृतक के गले और पेट पर चाकू से किए गए कई गहरे घाव पाए गए हैं। इन निशानों को देखकर पुलिस बेरहमी से हत्या किए जाने की आशंका जता रही है। शव की हालत और चोटों के आधार पर यह स्पष्ट है कि हमलावरों ने युवक पर जानलेवा हमला किया था।
मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने पूरे क्षेत्र को घेराबंदी कर जांच की। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है, ताकि घटना से जुड़े अहम सुराग मिल सकें। इसके साथ ही क्षेत्र में सक्रिय संदिग्ध लोगों से भी पूछताछ की जा रही है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, जांच के दौरान कुछ महत्वपूर्ण संकेत मिले हैं, जिनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
कवर्धा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पुष्पेंद्र सिंह बघेल ने बताया कि कवर्धा थाना अंतर्गत लालपुर नर्सरी के पीछे एक अज्ञात शव मिला है। शव को देखकर यह अनुमान लगाया जा रहा है कि मौत लगभग दो दिन पहले हुई है। मृतक की शिनाख्त के प्रयास किए जा रहे हैं और आसपास के थानों को भी सूचना भेजी गई है।
पुलिस का कहना है कि कवर्धा हत्या मामला जल्द सुलझाया जाएगा। मृतक की पहचान होते ही पूरे घटनाक्रम का खुलासा किया जाएगा और आरोपियों को गिरफ्तार कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच के आधार पर पुलिस जांच को आगे बढ़ा रही है।

विश्व धरोहर दिवस पर रायपुर में सजी विरासत की अनोखी झलक, संरक्षण पर विशेषज्ञों का मंथन
बंदूक से विकास की ओर: सुकमा के तुंगल इको-पर्यटन केंद्र की प्रेरक कहानी
उमरिया जिले की पूजा सिंह ने रची आत्मनिर्भरता की प्रेरक कहानी
हमने सीवर सफाई के काम को चुनौती के रुप में स्वीकार किया है और हम बदलाव लाकर दिखाएंगे : ऊर्जा मंत्री तोमर
दिशा दर्शन भ्रमण आत्मनिर्भरता का सशक्त माध्यम: मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े
आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना में उत्कृष्ट प्रदर्शन पर छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय स्तर पर मिले दो प्रतिष्ठित पुरस्कार
राज्यमंत्री गौर का सख्त रुख: लापरवाही पर एजेंसी को ब्लैकलिस्ट करने के निर्देश